बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने खादी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे हर महीने के पहले शनिवार को स्वेच्छा से खादी वस्त्र पहनें। इस संबंध में राज्य की मुख्य सचिव शालिनी राजनीश ने आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है।
सर्कुलर में कहा गया है कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि देश की गरिमा, स्वाभिमान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। खादी उद्योग राज्य में हजारों बुनकरों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराता है। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
सरकार ने राज्य सरकार, सहायता प्राप्त संस्थानों, निगमों, बोर्डों, स्वायत्त निकायों और विश्वविद्यालयों के अधिकारियों व कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि वे न केवल स्वयं खादी पहनें, बल्कि सभी सरकारी कार्यक्रमों में खादी पहनने के लिए अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी प्रेरित करें। सरकार का मानना है कि इस पहल से एकता, राष्ट्रीय भावना, भारतीयता, आत्मसम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूती मिलेगी।
इसी कड़ी में कर्नाटक सरकार ने महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश को अनिवार्य करने का भी फैसला लिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 18 से 52 वर्ष की आयु की महिला कर्मचारियों को मासिक धर्म के दौरान प्रति माह एक दिन का वैतनिक अवकाश मिलेगा। इस तरह साल में कुल 12 दिन की विशेष छुट्टी का प्रावधान किया गया है।
वहीं, राज्य सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में बसों और बस अड्डों पर तंबाकू उत्पादों के सभी प्रकार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री द्वारा जारी नोट में कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी), बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (बीएमटीसी), उत्तर पश्चिम कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (एनडब्ल्यूकेआरटीसी) और कल्याण कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (केकेआरटीसी) के प्रबंध निदेशकों को स्पष्ट किया गया है कि किसी भी बस या बस अड्डे पर तंबाकू सेवन को बढ़ावा देने वाला कोई भी विज्ञापन नहीं लगाया जाएगा।