शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर से करवट ली है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग, शिमला के अनुसार, अधिकतर क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रहा, जबकि कुछ स्थानों पर कोहरा और ठंड का असर भी महसूस किया गया।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी ने मौसम प्रेमियों को रोमांचित किया। सबसे अधिक बर्फबारी कोठी में 15.0 सेंटीमीटर, कल्पा में 13.6 सेंटीमीटर, गोंदला में 12.0 सेंटीमीटर, सांगला में 10.5 सेंटीमीटर, खदराला में 7.5 सेंटीमीटर और जोत में 6.5 सेंटीमीटर दर्ज की गई। केलांग में 3.0 सेंटीमीटर और मनाली में 2.5 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई, वहीं कुफरी में हल्की बर्फबारी ही दर्ज की गई।
मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि 2 और 3 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा, 6 फरवरी को भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। वहीं, 4, 5, 7 और 8 फरवरी को प्रदेश में मौसम अधिकतर शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, आने वाले 2–3 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री और अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को हुई बर्फबारी ने प्रदेश में लगभग तीन महीने का ड्राई स्पेल तोड़ दिया। जनवरी में बारिश सामान्य रही और इससे पहले 2021 से 2025 तक भी जनवरी में सामान्य बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई थी।अच्छी बर्फबारी और बारिश ने ग्राउंड वाटर को रिचार्ज किया है और ग्लेशियरों पर भी अच्छी बर्फबारी हुई है। इससे गर्मियों में पानी की कमी की समस्या कम होगी। किसानों और बागवानों के लिए भी यह मौसम संजीवनी की तरह साबित हुआ है। जनवरी के पहले 20 दिनों में प्रदेश में सामान्य से 90% तक कम बारिश हुई थी, लेकिन इसके बाद सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते लंबा ड्राई स्पेल और पानी की कमी पूरी तरह समाप्त हुई।
संदीप कुमार शर्मा, मौसम वैज्ञानिक, IMD शिमला:
“मौसम की सक्रियता ने प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों को भरपूर पानी देने का काम किया है। आने वाले दिनों में बर्फबारी और बारिश से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि किसानों और बागवानों के लिए भी राहत का संदेश है।”