फरीदाबाद। फरीदाबाद में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में दर्ज गलत जानकारियों के कारण 440 बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन रोक दी गई है। समाज कल्याण विभाग और नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रिड) की लापरवाही का खामियाजा बुजुर्गों को भुगतना पड़ रहा है। इन लाभार्थियों की उम्र 60 वर्ष से कम दर्शाकर सितंबर 2025 से मिलने वाला मासिक सम्मान भत्ता बंद कर दिया गया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि कई मामलों में बुजुर्गों की उम्र दो से पांच वर्ष तक दर्ज पाई गई है। विभागीय जांच पूरी होने तक इन सभी बुजुर्गों के खातों में पेंशन नहीं भेजी जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है। अचानक पेंशन रुकने से बुजुर्गों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है और वे लगातार समाज कल्याण विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
जिले में बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग, कैंसर पीड़ित, निराश्रित और लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता समेत विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 1,88,698 लाभार्थियों को पेंशन दी जाती है। हाल ही में फर्जी पेंशन की शिकायतें मिलने के बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निदेशालय ने पेंशन धारकों की आय और जन्मतिथि का मिलान परिवार पहचान पत्र से करना शुरू किया। जांच के दौरान जिन लाभार्थियों की जन्मतिथि पेंशन दस्तावेजों, आधार कार्ड और पीपीपी में अलग-अलग पाई गई, उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी गई।
निदेशालय की ओर से भेजी गई सूची में कई हैरान करने वाले मामले सामने आए हैं। ओल्ड फरीदाबाद निवासी भूपेंद्र की उम्र दो वर्ष, वार्ड 11 निवासी लक्ष्मण दास की उम्र पांच वर्ष, आलमपुर निवासी बताशो की उम्र 30 वर्ष और वार्ड एक निवासी ऊषमानी की उम्र 31 वर्ष दर्ज होने के कारण उनकी पेंशन रोक दी गई।
पेंशन बंद होने से बुजुर्गों की परेशानी और बढ़ गई है। बाबा नगर निवासी जायदा खातुन ने बताया कि एक साल पहले उनकी रीढ़ की हड्डी में समस्या आ गई थी, जिससे वह बिना सहारे चलने-फिरने में असमर्थ हैं। दो साल पहले पति की मृत्यु हो चुकी है और पेंशन के सहारे ही दवाइयों का खर्च चलता था, लेकिन पिछले दो महीनों से पेंशन बंद है। वहीं लक्कड़पुर निवासी 66 वर्षीय रमन सिंह ने कहा कि उम्र पूरी होने के बावजूद उनकी पेंशन नहीं बन पा रही है, जबकि अधिकारी ऑटोमैटिक पेंशन बनने के दावे करते हैं।
इस मामले पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ममता शर्मा ने बताया कि उच्च अधिकारियों द्वारा भेजी गई सूची के आधार पर पेंशन रोकी गई है। सभी लाभार्थियों को फोन कर आवश्यक दस्तावेज लेकर बुलाया जा रहा है। बुजुर्गों की सुविधा के लिए क्रिड विभाग के कर्मचारी को समाज कल्याण कार्यालय में ही तैनात किया गया है, ताकि कागजात में मौजूद छोटी-छोटी त्रुटियों को वहीं ठीक किया जा सके। दस्तावेजों में सुधार के बाद पेंशन दोबारा बहाल कर दी जाएगी।