Nurpur, Sanjeev-:नगरोटा सूरियां क्षेत्र के विकास को बड़ी गति देने वाली गज्ज खड्ड पुल परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद यह पुल सेतु योजना (सेतु बंधन/CRIF) के अंतर्गत बनाया जा रहा है। 86.34 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस पुल का टेंडर पंचकूला स्थित ठेकेदार को आवंटित किया गया है। निर्माण स्थल पर पिलर निर्माण से पहले मिट्टी के नमूनों की लैब में जांच की गई, जिसके उपरांत कार्य आरंभ हुआ।
23 स्पैन वाला यह पुल 828 मीटर लंबा होगा और इसे वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पुल के निर्माण से नगरोटा सूरियां और ज्वाली के बीच की दूरी 25 किलोमीटर से घटकर मात्र 16 किलोमीटर रह जाएगी। इससे क्षेत्रवासियों की आवाजाही सुगम होगी और पौंग झील के किनारे विकसित हो रही रिंग रोड को पर्यटन से सीधा जोड़ मिलेगा। साथ ही आसपास के कई गांव मुख्य सड़क नेटवर्क से सीधे जुड़ेंगे।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने बताया कि गज्ज खड्ड पुल क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा भी मिलेगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नगरोटा सूरियां की सुखाहार मध्यम सिंचाई परियोजना को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की तकनीकी समिति से मंजूरी मिल चुकी है। लगभग 219 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से जिला कांगड़ा की ज्वाली, देहरा और शाहपुर विधानसभा क्षेत्रों के 45 गांवों की 2,186 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे करीब 24,120 लोग लाभान्वित होंगे।
प्रो. चंद्र कुमार ने सुखाहार नहर परियोजना को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि यह किसानों और ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। इन दोनों परियोजनाओं से क्षेत्र में विकास, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।