हमीरपुर, अरविन्द-:प्रदेश सरकार के उद्यान विभाग द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों के चलते जिला हमीरपुर में फल उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्तमान में जिले में बागवानी का रकबा बढ़कर लगभग 8100 हेक्टेयर हो गया है, जबकि फल उत्पादन करीब 2200 मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है। फल उत्पादन में भविष्य में और बढ़ोतरी की संभावनाओं को देखते हुए जिले में कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है।
इसी कड़ी में जिला हमीरपुर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां बागवानों और किसानों को कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। जिले में दो आधुनिक कोल्ड स्टोरेज इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिनका संचालन सौर ऊर्जा से किया जा रहा है। इसके साथ ही इन कोल्ड स्टोरों में जनरेटर की भी व्यवस्था की गई है, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी यह सुचारू रूप से कार्य करते रहें।उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने बताया कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना और बागवानी तकनीकी मिशन के तहत जिले में मौसंबी, संतरा, अमरूद, आम, लीची और अनार जैसे फलों के पौधारोपण को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। विभाग ने वर्ष 2030 तक जिले में फलों के अंतर्गत क्षेत्रफल को लगभग 9000 हेक्टेयर और उत्पादन को करीब 5000 मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।उन्होंने बताया कि हमीरपुर जिले में फलों का तुड़ान वर्षा ऋतु से शुरू होकर सर्दियों तक चलता है। एक ही समय में अधिक उत्पादन होने के कारण कई बार बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता और फल खराब होने से नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में कोल्ड स्टोरेज बागवानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे, जहां वे अपनी उपज को सुरक्षित रखकर सही समय पर बाजार में उतार सकते हैं।
उपनिदेशक ने बताया कि डिडवीं क्षेत्र और भिड़ा में 52-52 लाख रुपये की लागत से कोल्ड स्टोरेज इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिन पर 26-26 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है। उन्होंने जिले के बागवानों और उद्यमियों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है।