चंडीगढ़। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में शनिवार शाम करीब 6 बजे बड़ा हादसा हो गया, जब मेला परिसर में लगा एक झूला अचानक तकनीकी खराबी के कारण टूटकर गिर गया। इस दुर्घटना में कई लोग घायल हो गए, जबकि राहत एवं बचाव कार्य के दौरान ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
घटना के समय इंस्पेक्टर जगदीश ने साहस और तत्परता दिखाते हुए तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। लोगों को सुरक्षित निकालने के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके निधन को हरियाणा पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
हादसे को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने झूला संचालन करने वाली हिमाचल फन फेयर एजेंसी के संचालक मोहम्मद शाकिर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो अन्य जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मामले की गहन जांच के लिए एसीपी वरुण दहिया के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। यह टीम झूला टूटने के कारण, तकनीकी खामी, सुरक्षा इंतजामों और जिम्मेदारों की भूमिका की जांच करेगी।
हादसे में घायल लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों में नीलम (महिला सहायक उपनिरीक्षक) पत्नी विजयपाल निवासी बादशाहपुर, सुनील निवासी आरोहा (महेंद्रगढ़), हर्ष प्रकाश निवासी ग्रेटर नोएडा, प्रशांत निवासी दूबेपुर (धौलपुर, राजस्थान), अनिशा निवासी फरीदाबाद, शिवानी निवासी सेक्टर-78 नोएडा और परविंदर (अन्य विवरण प्रतीक्षित) शामिल हैं। सभी घायलों का उपचार जारी है।
हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इंस्पेक्टर जगदीश ने ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि जोखिम भरी परिस्थितियों में भी इंस्पेक्टर जगदीश ने लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और उनकी तत्परता से कई लोगों की जान बचाई जा सकी।
डीजीपी ने शोक संतप्त परिवार को भरोसा दिलाया कि हरियाणा पुलिस उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि इंस्पेक्टर जगदीश के परिजनों को पॉलिसी के तहत 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि और विभागीय अन्य लाभ दिए जाएंगे। साथ ही, घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न रहने देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।
बताया गया कि दिवंगत इंस्पेक्टर जगदीश मूल रूप से मथुरा (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले थे। उनका जन्म 05 मार्च 1968 को हुआ था और वे 31 जनवरी 2026 को पुलिस लाइन पलवल से सूरजकुंड मेला ड्यूटी के लिए नियुक्त किए गए थे। विभाग में वे अनुशासन और कर्तव्यपरायणता के लिए पहचाने जाते थे।
फिलहाल, सूरजकुंड मेले में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस और प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि झूले की तकनीकी जांच, फिटनेस प्रमाणपत्र और सुरक्षा मानकों में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।