चंडीगढ़। हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग में स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिले बजट को समय पर खर्च न कर पाने का मामला सामने आया है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते स्वच्छता कार्यों और जागरूकता अभियानों के लिए निर्धारित करीब 100 करोड़ रुपये अब तक खर्च नहीं हो सके। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा विभागों की समीक्षा बैठक ली गई थी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा के दौरान जब स्वच्छ भारत मिशन का बड़ा हिस्सा खर्च न होने की जानकारी सामने आई, तो मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
20 अधिकारियों पर चार्जशीट की तैयारी
सूत्रों के अनुसार अब विभाग में ऐसे 20 अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित किया गया है, जिनकी लापरवाही के कारण योजनाएं समय पर जमीन पर नहीं उतर सकीं। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने अधिकारियों को कार्रवाई का पूरा ब्योरा तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि दोषियों को चार्जशीट कर विभागीय कार्रवाई की जा सके।
कार्रवाई की आशंका के बाद अब कई अधिकारी खुद को बचाने के लिए जल्दबाजी में योजनाएं बनाने और बजट उपयोग की प्रक्रिया तेज करने में जुट गए हैं।
राज्य स्तरीय स्वच्छ सर्वेक्षण भी शुरू नहीं हो सका
विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल तब और बढ़ गए जब यह सामने आया कि हरियाणा सरकार द्वारा केंद्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण की तर्ज पर राज्य में भी स्वच्छ सर्वेक्षण कराने की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ सकी। इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर को होनी थी, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो पाया।
बताया गया कि सरकार ने यह सर्वेक्षण विभागीय अधिकारियों के बजाय थर्ड पार्टी एजेंसी से कराने का फैसला किया था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया लंबे समय से अटकी होने के कारण सर्वेक्षण का काम भी ठप पड़ा है। अब सरकार की नजर विभाग के लापरवाह अधिकारियों पर है और आने वाले दिनों में कार्रवाई तय मानी जा रही है।