यमुनानगर। यमुनानगर जिले के गांव रामखेड़ी निवासी 33 वर्षीय गगनप्रीत सिंह की इटली में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस खबर के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजन अब शव को भारत वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मृतक के जीजा अमनदीप सिंह और बहन रमप्रीत कौर ने बताया कि गगनप्रीत विदेश जाने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान वर्ष 2014 में उसकी पहचान गांव तिहमो निवासी इंद्रसेन नामक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को इटली में रहने वाला बताया और गगनप्रीत को वहां ले जाने का भरोसा दिलाया।
परिजनों के अनुसार, वर्ष 2023 में इंद्रसेन ने गगनप्रीत को इटली भेजने के नाम पर दस्तावेज लिए और करीब 18 लाख रुपये वसूल लिए। इसके बाद 7 अप्रैल 2023 को गगनप्रीत इटली पहुंचा और एजेंट के साथ खेतों में मजदूरी करने लगा।
परिवार का आरोप है कि नौ माह बाद गगनप्रीत का वर्क वीजा समाप्त हो गया। जब उसने एजेंट से अपने पैसे वापस मांगे तो उसे टाल दिया गया और मारपीट तक की गई। गगनप्रीत ने कई बार फोन पर रोते हुए बताया था कि वह वहां फंस चुका है और वापस लौटने के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं।
रमप्रीत कौर ने बताया कि गगनप्रीत को दो साल तक एजेंट के खेतों में काम कराया गया, कई बार खाना तक नहीं दिया गया। बाद में वह किसी तरह एजेंट के चंगुल से निकल गया और लंबे समय तक सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगकर गुजारा करता रहा।
परिजनों के मुताबिक, 5 फरवरी की शाम गगनप्रीत के एक साथी ने फोन कर उसकी मौत की सूचना दी। बताया गया कि वह डिप्रेशन में था।
मृतक के पिता जगदीप सिंह पिछले 18 वर्षों से गंभीर रूप से बीमार हैं और चारपाई पर हैं। परिवार खेती के सहारे जैसे-तैसे गुजर-बसर कर रहा है। अब परिवार सरकार और समाज से शव को वापस लाने के लिए आर्थिक सहायता की मांग कर रहा है।