मंडी, धर्मवीर-:छोटी काशी मंडी में इस वर्ष शिवरात्रि की संध्या एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और भव्यता का संगम देखने को मिलेगा। 15 फरवरी को शिवरात्रि के पावन अवसर पर ब्यास नदी के तट पर भव्य ब्यास आरती का आयोजन किया जा रहा है, जो पंचवक्त्र मंदिर के समीप संपन्न होगा। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम पिछले वर्ष की अपार सफलता के बाद इस बार और भी आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
गत वर्ष मंडी में काशी की गंगा आरती की तर्ज पर पहली बार ब्यास आरती का आयोजन किया गया था, जिसे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से जबरदस्त सराहना मिली थी। इसी उत्साह को देखते हुए इस वर्ष लोगों की मांग पर इसे और भव्य रूप दिया गया है। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार ब्यास आरती के दौरान भगवान शिव की महिमा को दर्शाने के लिए विशेष शिव तांडव नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके साथ ही अत्याधुनिक लेजर शो के माध्यम से भगवान शिव के जीवन, शक्ति और संदेशों को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।ब्यास आरती का संचालन काशी से आए अनुभवी पंडितों द्वारा किया जाएगा, जो नियमित रूप से वाराणसी में गंगा आरती करते हैं। ये वही पंडित हैं जिन्होंने पिछले वर्ष भी ब्यास आरती संपन्न करवाई थी। मंत्रोच्चारण, दीपों की रोशनी, नदी की लहरें और शिव भक्ति का वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगा।जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस धार्मिक आयोजन में भाग लें और शिवरात्रि की संध्या को स्मरणीय बनाएं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करेगा, बल्कि मंडी की सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाई देगा।