ऊना, राकेश-:ऊना जिला के सरकारी अस्पताल में संचालित निजी कृसना लैब में काम कर रहे कर्मचारियों ने सैलरी न मिलने से नाराज़ होकर हड़ताल कर दी। कर्मचारियों ने सुबह 9 बजे से 12 बजे तक कामकाज ठप रखा, जिसके चलते अस्पताल में टेस्ट करवाने आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों में सस्ते दामों पर जांच सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से कृसना लैब को संचालित किया गया है, ताकि मरीजों को अस्पताल परिसर में ही कम कीमत पर टेस्ट की सुविधा मिल सके। लेकिन लैब में तैनात कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले कई महीनों से समय पर सैलरी नहीं मिल रही है और फिलहाल उनकी दो महीने की सैलरी लंबित पड़ी हुई है।
कर्मचारियों के अनुसार वे दूर-दराज के जिलों से यहां नौकरी करने आते हैं। समय पर वेतन न मिलने के कारण उन्हें किराया, भोजन और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ कर्मचारी ऐसे भी हैं जो नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ गई हैं। कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कई बार इस मुद्दे को मैनेजमेंट के सामने रखा, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। इसी के विरोध में प्रदेशभर के कर्मचारियों ने सांकेतिक हड़ताल की और चेतावनी दी कि अगर सैलरी की समस्या जल्द हल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वहीं अस्पताल में जांच करवाने पहुंचे मरीजों ने भी नाराजगी जताई। मरीजों का कहना है कि डॉक्टर द्वारा लिखे गए टेस्ट करवाने जब वे लैब पहुंचे तो कर्मचारियों ने मशीन खराब होने की बात कह दी, जिसके बाद उन्हें मजबूरी में निजी लैब्स में जाकर महंगे दामों पर टेस्ट करवाने पड़े।इस मामले पर अस्पताल प्रशासन ने कहा कि कर्मचारियों द्वारा हड़ताल की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। साथ ही प्रशासन ने दावा किया कि सरकारी अस्पताल की लैब में सभी प्रकार के टेस्ट उपलब्ध हैं और मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।