शिमला, 10 फरवरी-:सतलुज नदी में बढ़ती सिल्ट की समस्या से सुन्नी क्षेत्र को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। कोलडैम हाईड्रो पावर स्टेशन को लेकर एनटीपीसी द्वारा तैयार की गई बाथिमेट्री एवं सिल्टेशन रिपोर्ट उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप को सौंप दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन द्वारा डिसिल्टेशन की प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मंगलवार को बचत भवन में उपायुक्त की अध्यक्षता में इस विषय पर एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें कोलडैम प्रबंधन ने रिपोर्ट पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दी। उपायुक्त ने बताया कि सुन्नी क्षेत्र में बढ़ती सिल्ट की समस्या को देखते हुए सोनार तकनीक के माध्यम से बाथिमेट्री एवं सिल्टेशन सर्वेक्षण करवाने के निर्देश दिए गए थे, जिसे आईआईटी रुड़की के माध्यम से पूरा किया गया है।
बाथिमेट्री अध्ययन के तहत जल के भीतर की गहराई और तल की बनावट का आकलन किया गया है। इस सर्वेक्षण में सोनार तकनीक का उपयोग कर जलाशय के भीतर की विस्तृत मैपिंग की गई। रिपोर्ट के अनुसार, सिल्टेशन के आधार पर क्षेत्र को तीन जोन में विभाजित किया गया है — जोन-1 में तत्तापानी, जोन-2 में सुन्नी और जोन-3 में चाबा क्षेत्र को शामिल किया गया है।रिपोर्ट में वर्ष 2014 से 2023 के बीच सिल्ट के एकत्रीकरण में बदलाव सामने आया है। विशेष रूप से जोन-3 में वर्ष 2022 और 2023 के दौरान सिल्टेशन में वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके पीछे सड़क निर्माण, विभिन्न परियोजना कार्य और बाढ़ जैसी घटनाएं प्रमुख कारण मानी गई हैं।हालांकि रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जलाशय में एकत्रित सिल्ट अभी उसकी कुल भंडारण क्षमता से कम है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि रिपोर्ट में डिसिल्टेशन को लेकर आवश्यक सुझाव दिए गए हैं। प्रशासन इन सुझावों के आधार पर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करेगा, ताकि नियमानुसार सिल्ट को हटाया जा सके। इससे जलस्तर में अनावश्यक वृद्धि नहीं होगी और मानसून के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा भी कम किया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि डिसिल्टेशन प्रक्रिया शुरू करने से पहले डीएफओ एफसीए अनुमति सहित सभी आवश्यक नियमों और प्रावधानों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। कोलडैम प्रबंधन ने इस प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।बैठक में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा, एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा, डीएफओ ग्रामीण अनिकेत बान्वे, एनटीपीसी हेड ऑफ प्रोजेक्ट सेशगेरी राव, सहायक महाप्रबंधक स्वधीन, डीजीएम अखिलेश जोशी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।