शिमला, संजू -:हिमाचल प्रदेश में सेब बागवानों के साथ धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हर साल सेब खरीदने वाले लदानियों द्वारा भुगतान न करने की शिकायतें सामने आ रही हैं। पिछले तीन वर्षों में 379 बागवान ठगी का शिकार हुए हैं। जानकारी के अनुसार करीब 8 करोड़ रुपये की राशि अब तक बागवानों को नहीं मिल पाई है, जिससे उनमें भारी रोष है।
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने यह मामला जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने सेब खरीदकर भुगतान न करने वाले लदानियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही एपीएमसी द्वारा अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण भी मांगा। राठौर ने मुख्यमंत्री से इस गंभीर विषय में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में बागवानों के साथ इस तरह की घटनाएं न हों।कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने सदन को बताया कि प्रदेश की विभिन्न सेब मंडियों से कुल 379 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से कुछ मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में लगभग आठ करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित है। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान न होना सरकार के लिए भी चिंता का विषय है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।विधायक राठौर ने कहा कि हर साल बागवानों की मेहनत की कमाई जोखिम में पड़ जाती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे लदानियों की पहचान कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए और बागवानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए।