नई दिल्ली | केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने जनवरी 2026 की मासिक रिपोर्ट जारी की, जिसमें 240 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें से 68 दवाओं को केंद्रीय प्रयोगशालाओं ने और 172 दवाओं को राज्य प्रयोगशालाओं ने NSQ घोषित किया।
नकली दवाओं का खुलासा
जांच के दौरान दिल्ली, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से 3 नकली दवाएं भी बरामद की गईं। ये दवाएं अनधिकृत निर्माताओं द्वारा किसी प्रतिष्ठित ब्रांड का नाम लेकर बनाई गईं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे उत्पाद स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
CDSCO की प्रक्रिया
CDSCO हर महीने दवाओं की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए रिपोर्ट जारी करता है। नियमों के अनुसार, किसी दवा को NSQ तब घोषित किया जाता है, जब वह निर्धारित मानकों में से किसी एक या अधिक पर खरी नहीं उतरती।
स्वास्थ्य विभाग का बयान
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कमी सिर्फ उसी विशेष बैच तक सीमित है, जिसकी जांच की गई। बाजार में अन्य बैच या कंपनी की दवाओं पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
आगे की कार्रवाई
CDSCO ने कहा है कि इन मामलों की गहन जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य नियामकों के साथ मिलकर खराब और नकली दवाओं को बाजार से हटाना जारी रहेगा ताकि जन सुरक्षा बनी रहे।