मंडी, धर्मवीर -:छोटी काशी मंडी में सप्ताह भर से जारी देवी-देवताओं की रौनक अब समाप्त हो गई है। चौहाटा बाजार में विराजने और अंतिम शाही जलेब में शिरकत करने के बाद सभी देवी-देवता अपने मूल स्थानों के लिए रवाना हो गए हैं। हालांकि अधिकतर देवी-देवता अपने भक्तों के घरों पर रूकने के बाद ही आगे जाएंगे। लेकिन छोटी काशी देवी-देवताओं के जाने के बाद अब सूनी सी महसूस हो रही है। जाने से पहले देवी-देवताओं का भव्य देव मिलन लोगों को भाव विभोर कर गया।
स्थानीय निवासी हेमंत राज वैद्य, तीर्थ राज और जीत राम ठाकुर सहित अन्यों ने बताया कि वर्ष में छोटी काशी का यह सबसे बड़ा महोत्सव है, जिसमें उन्हें एक ही स्थान पर सैंकड़ों देवी-देवताओं के दर्शनों और आशीवार्द का सौभाग्य प्राप्त होता है। देवी-देवताओं के वापिस लौटने से अब वे मायूस महसूस कर रहे हैं। लेकिन इस बार प्रशासन की तरफ से जो बंदोबस्त किए गए थे वे सराहनीय थे। इस बार शिवरात्रि का भव्य नजारा देखने को मिला और देवी-देवताओं के आशीवार्द से इस बार मौसम का भी पूरा साथ मिला।
सर्व देवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने बताया कि इस बार महोत्सव के लिए 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया था जिसमें 190 के करीब देवी-देवताओं ने शिरकत की थी। अब ये सभी महोत्सव की समाप्ति के साथ वापिस अपने मूल स्थानों के लिए लौट गए हैं। देव आस्था के इस समागम में प्रशासन की तरफ से बेहतरीन बंदोबस्त करने के प्रयास किए गए थे।
छोटी काशी का देव समागम अब इसी उम्मीद के साथ संपन्न हो गया है कि अगले वर्ष फिर से शिवरात्रि का त्यौहार आएगा और इस महोत्सव का फिर से आयोजन होगा। छोटी काशी में एक बार फिर देवधुनें गूंजेगी और माहौल पूरी तरह से भक्तिमयी। इसी आशा के साथ लोगों ने अपने अराध्य देवी-देवताओं को भावुक विदाई दी है।