पंचकूला। हरियाणा विधानसभा के सत्र के दौरान पिछले डेढ़ साल में काटी गई बुढ़ापा पेंशन को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में मंत्री कृष्ण बेदी ने पेंशन से जुड़े आंकड़े और तथ्य सदन के सामने रखे, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
पेंशन में कटौती के आरोपों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा तो माहौल गरमा गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने विपक्ष पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पेंशन कटने की अफवाह फैलाना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय बुजुर्गों को महीनों तक पेंशन के लिए भटकना पड़ता था, जबकि वर्तमान सरकार में पेंशन सीधे खातों में ट्रांसफर होती है और लाभार्थियों को मोबाइल पर संदेश भी प्राप्त होता है।
सीएम सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार बुजुर्गों को परिवार के मुखिया के समान सम्मान देती है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा को ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि सरकार बुजुर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने रामराय गांव में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए स्विमिंग पूल की सुविधा न होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने खेल मंत्री पर खिलाड़ियों की समस्याओं को लेकर संपर्क न करने का आरोप लगाया। इस पर खेल मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि निर्धारित नीति के अनुसार वहां स्विमिंग पूल का निर्माण व्यावहारिक नहीं है। सदन में इन मुद्दों को लेकर हुई बहस ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।