23 June, 2025
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने स्पष्ट किया है कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अगर उन्हें मौका मिले तो वह भारतीय टीम के कोच की जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं। जुलाई में 53 वर्ष के होने जा रहे गांगुली, 2018-19 और 2022-24 के बीच दिल्ली कैपिटल्स के टीम निदेशक के रूप में काम कर चुके हैं।
कोच बनने को लेकर गांगुली का रुख
हाल ही में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या वह भारतीय टीम के कोच बनना चाहेंगे, तो उन्होंने कहा,
“मैंने इस बारे में नहीं सोचा, क्योंकि मैं अलग-अलग भूमिकाओं में रहा हूं। 2013 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद मैं बीसीसीआई अध्यक्ष भी बना। लेकिन मुझे कोच बनने से ऐतराज नहीं है। देखते हैं आगे क्या होता है।”
गांगुली ने यह भी जोड़ा कि अभी उनके पास समय है और वे भविष्य को लेकर खुले हैं।
राजनीति से दूरी बनाए रखेंगे गांगुली
राजनीति में संभावित एंट्री को लेकर उन्होंने साफ कहा,
“मेरी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। हर साल मुझे राजनीति में आने के ऑफर मिलते हैं लेकिन यह मेरे बस की बात नहीं है। शासन और राजनीति देश और राज्य के विकास के लिए अहम होते हैं, इसलिए मैं इसे देखता हूं, लेकिन भाग नहीं लेता।”
जब उनसे यह पूछा गया कि क्या वे 2026 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले किसी पार्टी से जुड़ सकते हैं या अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनने की पेशकश की जाए तो क्या वह स्वीकार करेंगे, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए दो टूक कहा –
“नहीं, मेरी कोई रुचि नहीं है।”
गौतम गंभीर की कोचिंग की तारीफ
गांगुली ने भारतीय टीम के मौजूदा कोच गौतम गंभीर की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि दुबई में चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद से गंभीर ने टीम को बेहतरीन लय में ला दिया है।
“गौतम अच्छा कर रहा है। शुरुआत में टीम ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से हारी, लेकिन इसके बाद उसने जबरदस्त वापसी की। इंग्लैंड के खिलाफ आगामी श्रृंखला काफी अहम होगी।”
जब गंभीर की रणनीतिक समझ के बारे में पूछा गया तो गांगुली ने कहा:
“उसका जुनून और पारदर्शिता देखने लायक है। वो सीधी बात करता है और स्पष्ट सोच रखता है। खिलाड़ियों और टीम के बारे में उसके विचार स्पष्ट होते हैं।”
उन्होंने यह भी याद किया कि गंभीर ने अपने खेल के दिनों में हमेशा सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान किया।
सौरव गांगुली ने जहां राजनीति से दूरी बनाए रखने की बात कही, वहीं टीम इंडिया के कोच बनने को लेकर संकेत दिए हैं कि अगर मौका मिला तो वह ज़िम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने गौतम गंभीर की कोचिंग की भी भरपूर तारीफ की, जो इस समय भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत है।