धर्मशाला, राहुल-: कांगड़ा जिला प्रशासन ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने दिन के समय हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग गतिविधियों को दोबारा शुरू करने की अनुमति दे दी है, जबकि सुरक्षा कारणों से रात के समय ट्रैकिंग पर फिलहाल प्रतिबंध जारी रहेगा।
एडीएम कांगड़ा शिल्पी बेकटा ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष 22 दिसंबर को जारी अधिसूचना के तहत खराब मौसम और भारी बर्फबारी के कारण हाई एल्टीट्यूड क्षेत्रों में ट्रैकिंग पर रोक लगाई गई थी। उस दौरान कई ट्रैकर्स के लापता होने और दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके चलते प्रशासन को बार-बार रेस्क्यू अभियान चलाने पड़े थे।उन्होंने कहा कि अब मौसम में सुधार हो चुका है और ज्यादातर स्थानों पर बर्फ भी पिघल गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों और ट्रैकिंग के शौकीनों को दिन के समय ट्रैकिंग की अनुमति देने का निर्णय लिया है। हालांकि एहतियात के तौर पर रात के समय ट्रैकिंग गतिविधियों पर अभी रोक बरकरार रखी गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
एडीएम ने यह भी बताया कि कई बार ट्रैकर्स बिना प्रशासन को सूचित किए ही ट्रैकिंग के लिए निकल जाते हैं, जिससे जोखिम बढ़ जाता है। अब तक ऐसे 8 से 10 हादसे सामने आ चुके हैं। इनमें से अधिकांश लापता ट्रैकर्स को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित ढूंढ निकाला है, जबकि एक ट्रैकर अभी भी लापता बताया जा रहा है।उन्होंने ट्रैकिंग करने वालों से अपील की कि वे बिना तैयारी और जानकारी के ट्रैकिंग पर न निकलें। यदि ट्रैकिंग के लिए जाएं तो प्रशिक्षित और अनुभवी लोगों को अपने साथ रखें। जिले में माउंटेन ट्रेनिंग में दक्ष कई गाइड उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से ट्रैकिंग करना अधिक सुरक्षित हो सकता है।बेकटा ने कहा कि कई लोग रोमांच के लिए अकेले ट्रैकिंग पर निकल जाते हैं, जिससे किसी आपात स्थिति में उन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू टीम को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।