मुंबई | देशभर में होली का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन शेयर बाजार में पेंट कंपनियों के लिए माहौल उत्साहजनक नहीं दिख रहा। त्योहार के दिन बाजार खुला रहने के बावजूद निवेशकों ने पेंट सेक्टर से दूरी बनाए रखी, जिससे इस क्षेत्र के प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। पिछले कारोबारी सत्र में आई तेज गिरावट के बाद 4 मार्च को भी पेंट कंपनियों के शेयर दबाव में नजर आए।
दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट
बाजार खुलते ही प्रमुख पेंट कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। एशियन पेंट्स का शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 2.5 प्रतिशत गिरकर लगभग 2,250 रुपये तक आ गया। इसी तरह बर्जर पेंट्स के शेयर में भी करीब ढाई प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 430 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं इंडिगो पेंट्स के शेयर में करीब 1.5 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई और यह लगभग 900 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले 2 मार्च के कारोबारी सत्र में भी इन कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई थी, जिसके बाद निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
कच्चे तेल की कीमतों से बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों के मुताबिक पेंट उद्योग काफी हद तक पेट्रोलियम आधारित कच्चे माल पर निर्भर करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर कंपनियों की उत्पादन लागत पर पड़ता है। हाल के दिनों में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी देखी गई है और यह करीब 77 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अहम समुद्री मार्गों पर संभावित खतरे के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसे हालात में पेंट कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है, जिसके चलते निवेशक फिलहाल इन शेयरों में मुनाफावसूली करते नजर आ रहे हैं। हालिया सत्रों में कुछ कंपनियों के शेयर कई महीनों के निचले स्तर तक पहुंच गए हैं, जो बाजार में बनी अनिश्चितता को दर्शाता है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पेंट सेक्टर की दिशा आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। यदि तेल की कीमतों में स्थिरता आती है तो इन कंपनियों के शेयरों में सुधार देखने को मिल सकता है, जबकि कीमतें ऊंची बनी रहने पर सेक्टर में दबाव जारी रहने की संभावना है।