सियोल | दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में मंगलवार से शुरू हुई गिरावट बुधवार को और गहरी हो गई। कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स में महज दो दिनों के भीतर 15 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जो वर्ष 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद सबसे बड़ी मानी जा रही है। बाजार में इस तेज गिरावट से निवेशकों के बीच चिंता और अस्थिरता का माहौल बन गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रमुख तकनीकी और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बढ़ा है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स, एसके हाइनिक्स और हुंडई मोटर जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट ने बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया।
तेज गिरावट के चलते कोस्पी और कोस्डेक दोनों बाजारों में कारोबार को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। करीब 8 प्रतिशत तक गिरावट आने के बाद 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग निलंबित कर दी गई। बिलियनफोल्ड एसेट मैनेजमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आन ह्युंगजिन ने कहा कि बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव के कारण स्थिति का आकलन करना मुश्किल हो गया है और निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक और मेमोरी चिप्स की बढ़ती मांग के कारण दक्षिण कोरियाई शेयरों में तेजी देखी जा रही थी। हालांकि ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक बाजारों पर दबाव बढ़ा दिया है। इसका असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियों पर भी पड़ रहा है, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ गई है।
दक्षिण कोरिया दुनिया का आठवां सबसे बड़ा कच्चे तेल का उपभोक्ता है, इसलिए ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से उसकी अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। इस बीच विदेशी निवेशकों ने कोस्पी में बड़े पैमाने पर शेयरों की बिक्री की, जबकि स्थानीय खुदरा और संस्थागत निवेशकों ने कुछ हिस्सेदारी बढ़ाई है।
बाजार में गिरावट के बीच रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। एलआईजी नेक्स1 और हनवा सिस्टम्स जैसी कंपनियों के शेयरों में दिन के कारोबार के दौरान 25 प्रतिशत से अधिक उछाल दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में कुछ कंपनियों के शेयर आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध हो सकते हैं, जिससे निवेश के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।