अंबाला | हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 39.730 किलोग्राम गांजा तस्करी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मास्टरमाइंड रंगा को अंबाला के नारायणगढ़ से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई राज्य में नारकोटिक्स कानून के प्रभावी पालन की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, रंगा पानीपत के गांव चमराडा का निवासी है और तस्करी के इस बड़े नेटवर्क का सक्रिय सरगना था। वह फिलहाल अंबाला के नारायणगढ़ के गांव लोटो के पास झुग्गी-झोपड़ी में छिपा हुआ था।
इस मामले में नारायणगढ़ थाना 30 मई को 39.730 किलोग्राम गांजा फूल-पत्ती बरामदगी के आधार पर केस दर्ज किया गया था। इसके पहले, इसी नेटवर्क के दो अन्य आरोपी ओमपति और राहुल को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह खुलासा हुआ कि रंगा तस्करी में प्रमुख भूमिका निभा रहा था और उसे पकड़ने के लिए नारकोटिक्स ब्यूरो ने लगातार छापेमारी और गुप्त निगरानी की।
एचएसएनसीबी के इंचार्ज निरीक्षक महरूफ अली ने बताया कि आरोपी रंगा की गिरफ्तारी से पूरे तस्करी नेटवर्क पर बड़ा झटका लगा है। आगे की जांच में अन्य संभावित सहयोगियों और तस्करी रूट की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और गांजा बरामदगी की पुष्टि के साथ उसके खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस गिरफ्तारी के बाद हरियाणा में गांजा तस्करी के खिलाफ नारकोटिक्स ब्यूरो की कार्रवाई को जनता में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, और यह संदेश दिया गया है कि राज्य में ड्रग्स तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।