शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश से खाली हो रही राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार के तौर पर अनुराग शर्मा को मैदान में उतारा है। नामांकन के आखिरी दिन अनुराग शर्मा ने विधानसभा में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, मंत्रिमंडल के सदस्य और कांग्रेस के कई विधायक मौजूद रहे।
राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर पहले कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में थे। कयास लगाए जा रहे थे कि पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा को हिमाचल से राज्यसभा भेजा जा सकता है, लेकिन अंततः पार्टी नेतृत्व ने युवा चेहरे अनुराग शर्मा पर भरोसा जताया। वर्तमान में अनुराग शर्मा जिला कांगड़ा कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं। उनके चयन को प्रदेश की राजनीति में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन के साथ-साथ कांग्रेस की युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक युवा और जमीनी कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि जब गांव में काम करने वाले कार्यकर्ता को राज्यसभा का टिकट मिलता है तो इससे पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं का भी मनोबल बढ़ता है। भाजपा द्वारा उम्मीदवार न उतारे जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भाजपा उम्मीदवार उतारती तो उसे हार का सामना करना पड़ता।
वहीं हिमाचल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने भी अनुराग शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि उनके चयन से पार्टी कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अनुराग शर्मा ने कांगड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में बेहतरीन काम किया है और यह फैसला आम कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा संदेश है।
राज्यसभा उम्मीदवार अनुराग शर्मा ने कहा कि टिकट मिलना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता के लिए राज्यसभा का उम्मीदवार बनना बड़ी बात है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्यसभा में आरडीजी और मनरेगा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे और कांगड़ा जिले की सभी 15 सीटों पर कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।