Summer Express, वॉशिंगटन। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब लगभग समाप्ति के करीब है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि यह पूरी तरह कब खत्म होगा। ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका किसी भी हाल में वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित नहीं होने देगा और यदि ईरान ऐसा करने की कोशिश करेगा तो उसे कड़ी और अविश्वसनीय सजा दी जाएगी।
ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कीमतों में गिरावट देखने को मिली। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता और ड्रोन, मिसाइल ताकतें काफी कमजोर हो गई हैं, और इस अभियान में ईरान की नौसेना को भी भारी नुकसान हुआ है। ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और इजराइल ने मिलकर कई महत्वपूर्ण ठिकानों और 46 जहाजों को निशाना बनाया, जिससे दुश्मन को गंभीर क्षति हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान की योजना पूरे मिडिल ईस्ट पर प्रभाव बढ़ाने और इजराइल को खत्म करने की थी, लेकिन अमेरिका ने सही समय पर हस्तक्षेप कर इस योजना को रोका। उन्होंने कहा कि फिलहाल बिजली उत्पादन केंद्र और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को जानबूझकर सुरक्षित रखा गया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर उन पर भी हमला किया जा सकता है।
ट्रंप ने कहा कि युद्ध का एक उद्देश्य वैश्विक तेल सप्लाई को सुरक्षित करना भी है। जैसे ही खतरा समाप्त होगा, दुनिया भर में तेल की कीमतें कम होंगी, जिससे अमेरिकी परिवारों के लिए पेट्रोल और गैस सस्ती होगी। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तेल टैंकरों को राजनीतिक जोखिम बीमा दे रहा है और आवश्यकता पड़ने पर नौसेना के माध्यम से उन्हें सुरक्षित निकाला जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि जब तक ईरान और उसका गठबंधन पूरी तरह पराजित नहीं हो जाते, अमेरिका पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरान के अगले नेता के चयन पर ध्यान रख रहे हैं और ऐसे राष्ट्रपति की उम्मीद करते हैं जो कठिन फैसलों से पीछे न हटे।