Summer Express, झज्जर। जिले के बेरी क्षेत्र के गांव बरानी से हुए आठ वर्षीय मासूम हुनरजीत के अपहरण मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान अब तक कुल 5 करोड़ रुपये की फिरौती में से 2 करोड़ 10 लाख 63 हजार 400 रुपये बरामद किए जा चुके हैं। मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में कंसाला निवासी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मोनू, उसका साला मनीष और साथी गोविंद शामिल हैं। तीनों का पांच दिन का पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले भी पुलिस आरोपियों से 1 करोड़ 12 लाख 90 हजार 500 रुपये की राशि बरामद कर चुकी थी।
ताजा कार्रवाई में मुख्य आरोपी मोनू के कब्जे से 92 लाख 69 हजार 900 रुपये बरामद किए गए हैं। वहीं, वारदात में सहयोग करने के बदले मिले 5 लाख रुपये गोविंद से बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामदगी और पूछताछ के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इस अपहरण कांड में शामिल दो अन्य आरोपी मंजीत और विश्वजीत उर्फ विन्नी अभी भी फरार हैं। एसटीएफ के मुताबिक विश्वजीत कंसाला का रहने वाला घोषित अपराधी है और उस पर पहले से आसन गांव के एक व्यक्ति की हत्या का मामला दर्ज है। वह फिलहाल जमानत पर बाहर था। पुलिस की टीमें दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
जांच में सामने आया है कि इस वारदात की साजिश मोनू और उसके दोस्त मंजीत ने मिलकर रची थी। मोनू का साला मनीष, जो पीड़ित परिवार के वेटनरी कॉलेज में कार्यरत है, ने घर की रेकी करने के साथ-साथ परिवार से जुड़ी अंदरूनी जानकारी आरोपियों तक पहुंचाई थी।
बताया गया है कि स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने घर के पास से आठ वर्षीय हुनरजीत का अपहरण कर लिया था। बाद में परिवार से 5 करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने के बाद बच्चे को रोहतक आईएमटी के पास छोड़ दिया गया था। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि फरार दोनों आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।