समर एक्सप्रेस /कुल्लू, मनमिंदर -: देश में घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने के कारण हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में इंडक्शन चूल्हों की मांग में तेजी देखी जा रही है। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और युद्ध की वजह से भारत में गैस सिलेंडरों की उपलब्धता प्रभावित हुई है। हालांकि सरकार का दावा है कि घरेलू जरूरतों के लिए पर्याप्त गैस मौजूद है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों की कमी से होटल और ढाबों में परेशानी बढ़ गई है।
हाल ही में जिले के विभिन्न हिस्सों में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। दुकानों और छोटे व्यवसायों में भी घरेलू और कमर्शियल इंडक्शन चूल्हों की मांग बढ़ी है। बाहरी राज्यों से सप्लाई रुकने की वजह से दुकानदारों को पर्याप्त स्टॉक नहीं मिल पा रहा है।
कुल्लू के इंडक्शन चूल्हा विक्रेता प्रदीप शर्मा ने बताया कि पहले उनकी दुकान में रोजाना केवल एक या दो इंडक्शन चूल्हों की बिक्री होती थी। लेकिन अब यह संख्या 20 गुना बढ़ गई है। खरीदारों में ज्यादातर छात्र और किराए के कमरों में रहने वाले लोग शामिल हैं। वहीं स्थानीय लोग भी अब इंडक्शन चूल्हों को प्राथमिकता देने लगे हैं।उन्होंने आगे बताया कि बड़े होटलों और रेस्टोरेंट से भी कमर्शियल इंडक्शन चूल्हों की मांग आ रही है। लेकिन बाहरी राज्यों से सप्लाई फिलहाल बंद होने के कारण इन व्यवसायों को इंडक्शन चूल्हे नहीं मिल पा रहे हैं।
कुल्लू के उद्योगपति गौरव सोफत ने कहा कि पहले वह रोजाना 20 से 30 इंडक्शन चूल्हे तैयार करते थे, लेकिन अब उनकी उत्पादन संख्या 100 से अधिक हो गई है। इंडक्शन चूल्हों के निर्माण में जरूरी सामग्री की उपलब्धता भी अब सीमित हो गई है। उन्होंने बताया कि देशभर में डिमांड बढ़ने के कारण सामग्री की आपूर्ति कुल्लू तक नहीं पहुंच पा रही।इंडक्शन चूल्हों की बढ़ती मांग के कारण इनके दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। विक्रेता 200 से 300 रुपये तक अधिक मूल्य चार्ज कर रहे हैं। खासकर कमर्शियल इंडक्शन चूल्हों के लिए जरूरी सामग्री की कमी से होटल और रेस्टोरेंट के व्यवसाय प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर देश में गैस संकट और बढ़ता है, तो लोग खाना बनाने के लिए इंडक्शन चूल्हों पर निर्भर होंगे। वहीं, घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई नए नियमों के तहत जारी है। इससे घरेलू जरूरतों को तो पूरा किया जा सकेगा, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए इंडक्शन चूल्हे ही विकल्प बन गए हैं।कुल्लू में दुकानदार अब इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में तेजी देखकर उत्साहित हैं, लेकिन सप्लाई और सामग्री की कमी उनकी चिंता का कारण बनी हुई है। लोग भी गैस सिलेंडरों की कमी से बचने के लिए पहले से ही इंडक्शन चूल्हे खरीद रहे हैं, जिससे बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है।गौरतलब है कि घरेलू गैस संकट ने न केवल लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को प्रभावित किया है, बल्कि व्यवसायों और उद्योगों में भी नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे में इंडक्शन चूल्हों की मांग में लगातार बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है।