समर एक्सप्रेस /शिमला,संजू -:शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एलएसडी तस्करी के मुख्य सप्लायर को गुरुग्राम से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई को नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान 27 वर्षीय नविएल हैरिसन के रूप में हुई है, जो केरल के कालीकट का रहने वाला है। शिमला पुलिस की जांच में सामने आया कि वह विभिन्न राज्यों में सक्रिय एक संगठित नेटवर्क के जरिए एलएसडी की सप्लाई कर रहा था।इस पूरे मामले की शुरुआत न्यू शिमला पुलिस थाना में दर्ज एक मामले से हुई। पुलिस ने पहले संदीप शर्मा, निवासी मोगा (पंजाब) और प्रिया शर्मा, निवासी ददाहू (जिला सिरमौर) को 11.570 ग्राम एलएसडी के साथ गिरफ्तार किया था। बरामद एलएसडी करीब 562 स्टांप साइज स्ट्रिप्स में थी। दोनों आरोपियों से पूछताछ और उनके डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क के मुख्य सप्लायर तक पहुंचने का अहम सुराग मिला।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संदीप शर्मा पुलिस की नजरों से बचने के लिए सामान्य फोन कॉल का इस्तेमाल नहीं करता था। वह अपने नेटवर्क से संपर्क करने के लिए केवल व्हाट्सएप कॉल का ही उपयोग करता था, जिससे उसकी गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता था।पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई कि इस नेटवर्क में नशे के बदले नशे का सौदा भी किया जाता था। संदीप शर्मा कथित तौर पर मुख्य सप्लायर नविएल हैरिसन को एलएसडी के बदले कैनाबिस (गांजा) उपलब्ध करवाता था। इस तरह दोनों के बीच अवैध ड्रग्स की अदला-बदली का कारोबार चलता था।
शिमला पुलिस के मुताबिक इस साल अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 77 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 144 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 14 आरोपी पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और भारत-नेपाल सीमा से जुड़े बाहरी क्षेत्रों से ‘बैकवर्ड लिंकेज’ के तहत पकड़े गए हैं। इसके अलावा PIT NDPS के प्रावधानों के तहत पिछले 48 दिनों में 30 कुख्यात तस्करों को भी जेल भेजा गया है।