Summer Express, गुरुग्राम | नोएडा और दिल्ली में हाल के हादसों के बावजूद गुरुग्राम में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकारी विभागों की लापरवाही सामने आ रही है। शहर में कई जगहों पर विकास कार्यों के नाम पर सड़कें खोदी जा रही हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। कहीं सीवर लाइन बिछाने तो कहीं ड्रेन निर्माण के चलते राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
शहर के सेक्टर-70 की मुख्य सड़क पिछले करीब छह महीनों से खुदी हुई है। यहां सीवर की मास्टर लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है, लेकिन काम की धीमी रफ्तार के कारण यह अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इससे रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि यह काम गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) की ओर से सुभाष इंफ्रा एजेंसी को सौंपा गया था, जिसे दो महीने में पूरा किया जाना था। हालांकि निर्धारित समय सीमा के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि सड़क खोदने के बाद मौके पर उचित बैरिकेडिंग तक नहीं की गई है। सड़क किनारे कई फुट गहरी खाई बन गई है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जगह-जगह गड्ढे, निर्माण सामग्री और अधूरा भराव होने के कारण इस मार्ग पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है।
मिट्टी के ढेर पड़े होने से तेज हवा या वाहनों के गुजरने पर धूल उड़ती है, जिससे प्रदूषण भी बढ़ रहा है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं।
यह सड़क सेक्टर-69 और 70 की कई बड़ी रिहायशी सोसायटियों को जोड़ती है। ट्यूलिप व्हाइट, ऑरेंज, वायलेट, प्रिवी अवांते, सनब्रीज, ट्यूलिप लीफ, द वेनिशियन स्काई एआरसी, क्रिमसन और ग्रीन ओक्स समेत कई सोसायटियों के हजारों लोग इसी मार्ग से रोजाना आवाजाही करते हैं और पास के थ्री रोड्स मॉल तक पहुंचते हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि अधिकारियों की नियमित निगरानी होती तो काम छह महीने तक अधूरा नहीं रहता। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य को जल्द पूरा कर सड़क को सुरक्षित और सुचारु बनाया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।