Summer Express, बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) | स्थानीय एसडीएम कार्यालय परिसर में अचानक सायरन बजने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्यालय में अपने काम से पहुंचे लोग कुछ समय तक समझ ही नहीं पाए कि आखिर क्या हो रहा है। बाद में पता चला कि प्रशासन द्वारा भूकंप आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है।
मॉक ड्रिल के दौरान सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने भूकंप से इमारत गिरने की काल्पनिक स्थिति बनाकर घायलों को बाहर निकालने और उन्हें इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम तथा बादशाह खान अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया। मौके पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सों ने घायलों का तुरंत उपचार शुरू किया।
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. एम.पी. सिंह ने बताया कि यह अभ्यास प्रशासन और एनडीआरएफ की संयुक्त पहल के तहत किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों की तैयारी का परीक्षण करना था।
यह अभ्यास उपायुक्त आयुष सिन्हा के निर्देश पर एसडीएम मयंक भारद्वाज की निगरानी में आयोजित किया गया। ड्रिल के दौरान 6.7 तीव्रता के काल्पनिक भूकंप से हुए नुकसान और लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
मॉक ड्रिल के तहत गंभीर रूप से घायल बताए गए लोगों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। थोड़ी ही देर में एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। टीम ने विशेष कैमरों की मदद से मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश करने की प्रक्रिया भी दिखाई।
एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट गौरव ने बताया कि एनसीआर क्षेत्र में संभावित भूकंप आपदा को ध्यान में रखते हुए यह अभ्यास कराया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है। इस दौरान पीओ गुरुकरण सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।