Summer express /शिमला, संजू -:हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले ही प्रदेश की सियासत गरमा गई है। विपक्ष ने सत्र को लेकर आक्रामक रुख अपनाते हुए सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि यह बजट सत्र सरकार के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कानून व्यवस्था, विकास कार्यों में ठहराव और प्रदेश की आर्थिक स्थिति जैसे कई अहम मुद्दों पर नोटिस दिए हैं। ऐसे में सरकार को सदन के भीतर हर सवाल का जवाब देना होगा। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार के पास इन मुद्दों पर ठोस जवाब नहीं है और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सदन को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार परंपराओं के विपरीत राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा को लंबित रखा गया है, जो सरकार की असमंजस भरी स्थिति को दर्शाता है। प्रदेश की आर्थिक हालत को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि विकास कार्य ठप पड़े हैं, जबकि उद्योगों का पलायन लगातार जारी है।
जयराम ठाकुर ने धारा 118 के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और सरकार इसे रोकने में विफल रही है। इसके अलावा एंटी करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस को सूचना के अधिकार के दायरे से बाहर करने के फैसले पर भी उन्होंने सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार कानून, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने लागू किया था, पारदर्शिता का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन वर्तमान सरकार इसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है।जयराम ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि विपक्ष इन सभी मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाएगा और सरकार को जवाबदेह बनाएगा। ऐसे में आने वाला बजट सत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम और तीखा रहने की संभावना है।