Summer express, सिरसा | सांसद कुमारी सैलजा ने प्रधानमंत्री के हालिया भाषण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि देश इस समय गंभीर अंतरराष्ट्रीय संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे संकट के समय सरकार से ठोस और स्पष्ट रणनीति की उम्मीद थी, लेकिन लंबी रिपोर्टिंग और भाषण के बावजूद आम जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के उत्तर नहीं मिले।
सैलजा ने विशेष रूप से ऊर्जा संसाधनों और रणनीतिक भंडार की स्थिति पर सरकार की अस्पष्टता को उजागर किया। उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि देश के पास ऊर्जा संसाधनों का कितना भंडार उपलब्ध है और यह कितने दिनों तक पर्याप्त रहेगा। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि भविष्य में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किन देशों के साथ बातचीत चल रही है। सैलजा ने कहा कि इस तरह की पारदर्शिता से ही जनता में भरोसा पैदा होता है।
सांसद ने अमेरिका-भारत संबंधों और रूस से तेल आयात जैसे अंतरराष्ट्रीय मामलों पर भी सरकार की चुप्पी पर चिंता जताई। उन्होंने पूछा कि रूस से तेल आयात जारी रहेगा या नहीं, अमेरिका से मिली किसी छूट की अवधि कितनी है और भविष्य में इन मामलों की दिशा क्या होगी।
सैलजा ने यह भी कहा कि देश के कई हिस्सों में लंबी ईंधन कतारें और आपूर्ति की अनिश्चितता आम जनता में असुरक्षा की भावना पैदा कर रही हैं। ऐसे समय में सरकार का दायित्व है कि वह स्पष्ट जानकारी साझा करके लोगों को भरोसा दिलाए कि देश इस संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।