Summer Express,फतेहाबाद | ईरान और इस्राइल के बीच जारी संघर्ष का असर भारत में ईंधन आपूर्ति पर दिखने लगा है। गैस संकट के बाद अब पेट्रोल और डीजल की किल्लत से शहरों के पेट्रोल पंप प्रभावित हो रहे हैं।
सोनीपत शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर को डिपो से पेट्रोल की सप्लाई नहीं आई। इसके बाद शाम से ही पंपों पर तेल डालवाने के लिए लंबी कतारें लग गईं। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान प्रविंदर खत्री ने बताया कि यदि सप्लाई देर तक नहीं आई, तो कई पंप पूरी तरह खाली हो जाएंगे।
सोनीपत जिले में इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम और जियो-बीपी के करीब 80 पेट्रोल पंप हैं। खत्री ने कहा कि ज्यादातर पंपों पर रोजाना डिपो से तेल आता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से सप्लाई में बाधा आने के कारण कई पंप ड्राई होने के कगार पर हैं। कंपनी अधिकारियों से सप्लाई संबंधित जानकारी भी नहीं मिल पा रही है।
फतेहाबाद में भी शहर के मुख्य रोड स्थित पेट्रोल पंपों पर तेल का स्टॉक न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। पंप संचालक ललित मेहता ने बताया कि यह समस्या स्थानीय नहीं, बल्कि कंपनियों द्वारा सप्लाई में कटौती के कारण उत्पन्न हुई है। फिलहाल पैनिक जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन यदि डिपो से समय पर आपूर्ति नहीं हुई तो ईंधन संकट और गहरा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो रही है।