Summer Express,संजू, शिमला | हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में 870 शारीरिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर देरी की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। इसे लेकर बेरोजगार शारीरिक कल्याण संगठन ने चिंता जताई है और आशंका व्यक्त की है कि पंचायत चुनाव के चलते यह प्रक्रिया फिर से टल सकती है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमेश राजपूत ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा जिलों से मांगा गया रिकॉर्ड अभी तक समय पर नहीं भेजा गया है। उन्होंने कहा कि 19 मार्च को शिमला स्थित शिक्षा विभाग ने PET भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न दस्तावेज और आंकड़े पांच दिनों के भीतर सभी जिलों से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई जिला कार्यालयों से यह जानकारी अब तक नहीं पहुंची है।
बेरोजगार संघ का कहना है कि पंचायत चुनाव नजदीक होने के कारण आचार संहिता लागू होने की स्थिति में यह भर्ती प्रक्रिया फिर से अटक सकती है। संगठन ने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर हो रही देरी के कारण हजारों पात्र उम्मीदवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
डॉ. रमेश राजपूत ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्वयं आश्वासन दिया था कि पंचायत चुनाव से पहले भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, लेकिन मौजूदा स्थिति में यह वादा अधूरा नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 8-9 वर्षों से यह भर्ती विभिन्न कारणों से लंबित चल रही है और अब जब प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद बनी थी, तब फिर से अनिश्चितता पैदा हो गई है।
बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो कई उम्मीदवार आयु सीमा पार कर जाएंगे। साथ ही उन्होंने प्रदेश के स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों की कमी को भी गंभीर समस्या बताया, जिसके कारण शिक्षा, अनुशासन और खेल गतिविधियों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। संगठन ने सभी जिलों के डिप्टी डायरेक्टर से जल्द रिकॉर्ड भेजने और काउंसलिंग की तिथि निर्धारित करने की मांग की है, ताकि भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।