मंडी , धर्मवीर -:हिमाचल प्रदेश में बीएड डिग्री धारक युवाओं के बीच बढ़ती बेरोजगारी गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। प्रदेश में करीब 2.5 लाख बीएड अभ्यर्थी रोजगार की तलाश में हैं, जबकि बड़ी संख्या में उम्मीदवार अधिकतम आयु सीमा के करीब पहुंच चुके हैं। कई अभ्यर्थी 45 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं, जिससे उनके लिए सरकारी नौकरी का अवसर लगभग समाप्त होता नजर आ रहा है।
इस मुद्दे को लेकर हिमाचल प्रदेश बीएड बेरोजगार यूनियन ने मंडी जिले में राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राजेश गौतम ने की, जिसमें विभिन्न जिलों से आए युवाओं ने हिस्सा लिया। बैठक में शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित भर्तियों और रिक्त पदों पर गहरी चिंता जताई गई।
यूनियन ने बताया कि शिक्षा विभाग में टीजीटी के लगभग 1375 पद खाली हैं, जिनमें हिंदी और संस्कृत विषयों के पद लंबे समय से नहीं भरे गए हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। यूनियन ने मांग की कि इन पदों को जल्द भरा जाए और टीजीटी भर्ती प्रक्रिया को नियमित किया जाए।इसके अलावा, सरकार द्वारा घोषित 5500 शिक्षकों की भर्ती में टीजीटी पदों की स्पष्ट संख्या बताने और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में पीजीटी पदों को लोक सेवा आयोग के माध्यम से शीघ्र भरने की मांग भी उठाई गई। यूनियन ने आरएंडपी नियमों के तहत 50 प्रतिशत पद बैचवाइज भर्ती से भरने पर जोर दिया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यूनियन जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को ज्ञापन सौंपेगी। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो बेरोजगार युवा शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।