Summer Express, अमेरिका । अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और अन्य बुनियादी ढांचे पर हमले की चेतावनी दिए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय माहौल में तनाव देखने को मिल रहा है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जताई गई आशंकाओं के बीच।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता के अनुसार, इस तरह की बयानबाजी और धमकियां स्थिति को और अधिक जटिल बना सकती हैं। गुतारेस ने स्पष्ट किया कि नागरिक बुनियादी ढांचे—जैसे बिजली संयंत्र, पुल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं—पर किसी भी प्रकार का हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जाता है।
महासचिव ने यह भी कहा कि युद्ध की परिस्थितियों में भी अंतरराष्ट्रीय मानकों और नियमों का पालन करना आवश्यक है। यदि कोई लक्ष्य सैन्य रूप से महत्वपूर्ण भी हो, तब भी ऐसे हमलों से बचना चाहिए जिनमें आम नागरिकों को नुकसान पहुंचने की संभावना हो।
संयुक्त राष्ट्र ने सभी देशों से अपील की है कि वे संयम बरतें और तनाव को बढ़ाने के बजाय उसे कम करने की दिशा में काम करें। संगठन ने जोर देकर कहा कि मौजूदा हालात में बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र प्रभावी रास्ता है, जिसके माध्यम से किसी भी विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक समुदाय से भी आग्रह किया है कि वे मिलकर ऐसे प्रयास करें जिससे क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे और किसी भी प्रकार के संघर्ष को बढ़ने से रोका जा सके।