Summer Express ,नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने अनुमान जताया है कि राज्य में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 91 लाख तक पहुंच गई है। हालांकि, आयोग ने अभी तक अंतिम आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
आईएएनएस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गए मामलों में से एक छोटे हिस्से पर न्यायिक अधिकारियों द्वारा ई-हस्ताक्षर की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूर्ण होगी, अंतिम आंकड़े सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, न्यायिक जांच के लिए भेजे गए कुल 60,06,675 मामलों में से 59,84,512 मामलों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उन पर ई-हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। इनमें से जिन मतदाताओं के नाम हटाने योग्य पाए गए, उनकी संख्या 27,16,393 है।
इस प्रकार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद राज्य में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर 90,83,345 हो गई है। यह संख्या न्यायिक प्रक्रिया के पूर्ण होते ही अंतिम मानी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम न्यायिक समीक्षा में हटाने योग्य पाए गए हैं, उन्हें अपनी बात रखने और अपील करने का अवसर भी दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुनः अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अधिकार मिलेगा।
आंकड़ों के अनुसार, हटाए गए नामों की सबसे अधिक संख्या मुर्शिदाबाद जिले से सामने आई है, जहां 4,55,137 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। इसके बाद उत्तर 24 परगना जिले का स्थान है, जहां 3,25,666 नाम हटाए गए हैं।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होने हैं, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।