धर्मशाला, राहुल-: हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल धर्मशाला के सकोह क्षेत्र में बन रहा आधुनिक आईस स्केटिंग और रोलर स्केटिंग रिंक शहर के पर्यटन को नई दिशा देने की ओर अग्रसर है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से न केवल देश बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी धर्मशाला की पहचान और मजबूत होने की उम्मीद है।
करीब 60 कनाल भूमि में विकसित हो रहा यह स्केटिंग रिंक आकार और सुविधाओं के लिहाज से शिमला के रिंक से भी बड़ा बताया जा रहा है। इसे उत्तर भारत का दूसरा अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्केटिंग रिंक माना जा रहा है। परियोजना में अत्याधुनिक आउटडोर और इंडोर स्केटिंग सुविधाओं के साथ-साथ रेस्टोरेंट, पार्किंग और पार्क जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी शामिल हैं, जिससे पर्यटकों को एक ही स्थान पर बहुआयामी अनुभव मिल सकेगा।इस परियोजना के निर्माण से स्मार्ट सिटी धर्मशाला में पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलने की संभावना है। प्रदेश सरकार द्वारा कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी घोषित किए जाने के बाद इस तरह की परियोजनाएं क्षेत्र की आर्थिकी को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।हालांकि, शुरुआत में परियोजना के लिए भूमि चयन को लेकर कुछ स्थानीय स्तर पर चुनौतियां सामने आई थीं। लेकिन सकोह वार्ड की पूर्व पार्षद सुषमा रंधावा के अनुसार, लोगों से संवाद और विकास के लाभ समझाने के बाद स्थानीय निवासियों ने सहयोग दिया, जिससे परियोजना का रास्ता साफ हुआ।
उन्होंने बताया कि धर्मशाला-गगल मार्ग के किनारे बन रहा यह प्रोजेक्ट सकोह क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा और इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा। वर्तमान में निर्माण कार्य तेजी से जारी है और उम्मीद है कि यह परियोजना अगले वर्ष मई तक पूरी हो जाएगी।विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिंक के शुरू होने से खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।