Summer express, नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कर्नाटक में बड़े पैमाने पर छापेमारी की, जो क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच का हिस्सा है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई, जिसमें करीब 12 स्थानों पर तलाशी ली गई। इन छापों में कांग्रेस विधायक एन.ए. हरिस के बेटों से जुड़े ठिकाने भी शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जांच का केंद्र श्रीकृष्ण रमेश उर्फ श्रीकी और उसके सहयोगियों का नेटवर्क है। यह कार्रवाई बेंगलुरु समेत राज्य के विभिन्न इलाकों में की गई। छापेमारी में विधायक के बेटों मोहम्मद हरिस नालापड़ और ओमार फारूक नालापड़ से जुड़े परिसरों की भी जांच की गई।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह मामला वेबसाइट हैकिंग, बिटकॉइन चोरी, जबरन वसूली और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा है। आरोप है कि गिरोह पहले वेबसाइटों और क्रिप्टो वॉलेट्स को हैक करता था, फिर चोरी किए गए डिजिटल एसेट्स को विभिन्न ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए बेच देता था। इसके बाद रकम को बैंक खातों के माध्यम से घुमाकर वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी।
ईडी का दावा है कि विधायक के बेटे इस नेटवर्क के करीबी संपर्क में थे और कथित तौर पर अवैध कमाई के लाभार्थियों में शामिल हो सकते हैं। वहीं, श्रीकृष्ण रमेश पर 2017 से ही साइबर अपराध और बिटकॉइन चोरी के आरोप लगते रहे हैं।
फिलहाल एजेंसी मनी ट्रेल और पूरे लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद कर्नाटक की राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।