हमीरपुर, अरविंद -:हमीरपुर जिले में अवैध निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को जिला स्तरीय समिति की बैठक उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में शहरी निकायों और विशेष योजना क्षेत्रों में हो रहे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम (टीसीपी एक्ट) के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के बनाए गए भवनों को किसी भी तरह की सुविधा—जैसे बिजली और पानी के कनेक्शन—तब तक नहीं दिए जाएंगे, जब तक संबंधित विभाग या शहरी निकाय से एनओसी प्राप्त न हो।उन्होंने कहा कि अधिसूचित योजना क्षेत्रों और विशेष क्षेत्रों में किसी भी निर्माण कार्य से पहले टीसीपी विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके साथ ही अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी 1000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले प्लॉट पर निर्माण के लिए पूर्व अनुमति जरूरी कर दी गई है। इतना ही नहीं, ऐसे प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए भी एनओसी अनिवार्य होगी।
प्रशासन ने इस नियम की जानकारी पंचायत स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए टीसीपी विभाग के अधिकारियों को सभी बीडीओ के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी नियमों का सही तरीके से पालन हो सके।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने पहले ही बिना अनुमति के निर्माण कर लिया है, उन्हें अपने भवनों के नक्शे नियमित करवाने के लिए अंतिम मौका दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी नियमों की अनदेखी की गई, तो संबंधित भवन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।प्रशासन के इस कदम को जिले में अवैध निर्माण पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।