Summer express, चंडीगढ़। हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले सख्त कार्रवाई करते हुए 115 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया है। आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, ये सभी प्रत्याशी अगले पांच वर्षों तक किसी भी चुनाव में भाग नहीं ले सकेंगे।
यह कार्रवाई उन उम्मीदवारों के खिलाफ की गई है जिन्होंने चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद निर्धारित समय सीमा में अपने चुनावी खर्च का विवरण जमा नहीं कराया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अनिवार्य है और नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
नियमों के मुताबिक, प्रत्येक उम्मीदवार को परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर अपने चुनावी खर्च का पूरा ब्यौरा जमा कराना होता है। ऐसा न करने पर उन्हें अयोग्य घोषित किए जाने का प्रावधान है। इसी प्रक्रिया के तहत आयोग ने हालिया सूची अपडेट करते हुए 115 प्रत्याशियों को पांच साल के लिए चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया है।
आयोग ने सभी उम्मीदवारों को निर्देश दिए हैं कि वे चुनाव प्रचार के दौरान खर्च का सही रिकॉर्ड रखें और तय सीमा के भीतर पूरा विवरण प्रस्तुत करें। इसके लिए उन्हें पर्यवेक्षकों से मार्गदर्शन लेने की भी सलाह दी गई है, ताकि किसी प्रकार की गलती से बचा जा सके।
चुनाव आयोग द्वारा तय नियमों के अनुसार विभिन्न पदों के लिए खर्च की अलग-अलग सीमा निर्धारित की गई है। नगर निगम महापौर उम्मीदवार अधिकतम 30 लाख रुपये, पार्षद साढ़े 7 लाख रुपये, नगर परिषद अध्यक्ष 20 लाख रुपये और सदस्य चार लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं। इसी तरह पंचायत और जिला परिषद स्तर पर भी अलग-अलग सीमा तय की गई है।
आयोग के अनुसार, सोनीपत नगर निगम के 18, झज्जर नगर परिषद के 5, नूंह के 14, पुन्हाना के 17, फिरोजपुर झिरका के 5, नारनौल के 41, राजौंद के 13 और टोहाना के 1 उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया गया है। आयोग ने साफ किया है कि आगे भी नियमों के उल्लंघन पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।