Summer express, गुरुग्राम | गुरुग्राम में दमकलकर्मियों की हड़ताल का असर अब शहर की परिवहन व्यवस्था पर भी दिखने लगा है। दमकल केंद्रों पर ड्यूटी के लिए भेजे गए 51 रोडवेज चालकों के कारण करीब 35 बस रूट पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिससे यात्रियों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच बस सेवाओं के बाधित होने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
रोडवेज महाप्रबंधक गुरुग्राम ने इस स्थिति को देखते हुए अग्निशमन विभाग को पत्र लिखकर 20 चालकों को वापस भेजने की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जल्द चालक वापस नहीं लौटते हैं तो बस संचालन और अधिक प्रभावित हो सकता है, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। फिलहाल सीमित संसाधनों के साथ व्यवस्था को संभालने की कोशिश की जा रही है।
दमकलकर्मियों की हड़ताल 16वें दिन भी जारी रही, और कर्मचारियों ने इसे 26 अप्रैल तक बढ़ाने का ऐलान किया है। सेक्टर-29 स्थित मुख्य दमकल केंद्र पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को दोहराया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में फरीदाबाद में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले दो दमकलकर्मियों को ‘बलिदानी’ का दर्जा देना, उनके परिवारों को आर्थिक सहायता और एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना शामिल है। इसके साथ ही एचकेआरएन और पे-रोल पर कार्यरत कर्मियों को स्थायी करने तथा पिछले कई वर्षों से लंबित वेतन वृद्धि के एरियर का भुगतान करने की भी मांग की जा रही है।
हड़ताल के कारण शहर में आग बुझाने की सेवाओं पर भी असर पड़ा है और कई घटनाओं में प्रतिक्रिया समय बढ़ गया है। इससे आपातकालीन सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ रही है। वहीं, सर्व कर्मचारी संघ और नगरपालिका कर्मचारी संघ ने भी आंदोलन को समर्थन दे दिया है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक जटिल होने की आशंका जताई जा रही है।