Summer express/गुरुग्राम-:गुरुग्राम समेत पूरे हरियाणा में फायर विभाग के कर्मचारी इन दिनों अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। हड़ताल के बीच अब आंदोलन ने और तीखा रूप ले लिया है, क्योंकि कई कर्मचारी दो दिन की भूख हड़ताल पर भी बैठ गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार और विभागीय अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के अनुसार, उन्होंने कई बार मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं, लेकिन हर बार बातचीत बेनतीजा रही। उनका कहना है कि फिलहाल भूख हड़ताल दो दिनों के लिए रखी गई है, लेकिन अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी रहेगी। कर्मचारियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस पूरे विवाद की शुरुआत फरवरी महीने में हुई एक दुखद घटना से जुड़ी है। फरीदाबाद में आग लगने की एक बड़ी घटना के दौरान दो फायर कर्मचारियों की जलकर मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद से ही विभाग के कर्मचारी मृतक साथियों के परिवारों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि दोनों मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।हालांकि, सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए 20-20 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई, जिससे कर्मचारी संतुष्ट नहीं हैं। इसी मुद्दे को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शुरुआत में यह आंदोलन केवल दो दिनों की राज्यव्यापी हड़ताल के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन मांगें पूरी न होने पर इसे अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया गया।
वर्तमान में बढ़ती गर्मी के कारण आगजनी की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। गुरुग्राम में ही हाल ही में कई स्थानों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं। लेकिन फायर कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में सरकार अनट्रेंड या कम प्रशिक्षित लोगों से काम ले रही है, जिससे बड़े हादसों का खतरा और बढ़ गया है।
आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया, तो यह हड़ताल और लंबी खिंच सकती है। फिलहाल यह आंदोलन 30 अप्रैल तक जारी रहने की बात कही जा रही है, लेकिन भविष्य में इसे आगे बढ़ाने की चेतावनी भी दी गई है। कर्मचारियों ने सरकार से अपील की है कि वह उनकी मांगों को गंभीरता से ले और जल्द समाधान निकाले, ताकि वे अपनी ड्यूटी पर लौट सकें और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।