Summer express/चंबा, मंजूर पठान -:डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सलूणी उपमंडल के अनछुए पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए प्रशासन की पहल अब रंग लाती नजर आ रही है। कुछ माह पहले आयोजित “तलेरू फेस्ट” के बाद से क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। प्रशासन ने इस पहल के माध्यम से सलूणी के अलग-अलग इलाकों में स्थित प्राचीन मंदिरों, ट्रैकिंग प्वाइंट्स और प्राकृतिक वादियों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
इस अभियान का असर यह हुआ कि अब देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर दिल्ली और पंजाब से पर्यटक यहां पहुंचकर इन खूबसूरत वादियों का आनंद ले रहे हैं। शांत वातावरण, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक स्थलों का संगम सलूणी को एक उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि पंचायती राज चुनावों के बाद एक और बड़े फेस्ट का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उन स्थानों को पर्यटन मानचित्र पर लाना होगा, जहां अब तक पर्यटक नहीं पहुंच पाए हैं। इससे न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सलूणी के एसडीएम चंद्रवीर सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि “तलेरू फेस्ट” का आयोजन क्षेत्र की सुंदरता को उजागर करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि इस पहल के बाद पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कई पर्यटकों से बातचीत के दौरान यह सामने आया कि वे इसी फेस्ट के बारे में सुनकर यहां पहुंचे।उन्होंने आगे बताया कि आगामी फेस्ट के जरिए उन क्षेत्रों को भी विकसित किया जाएगा, जो अभी तक पर्यटन की दृष्टि से अछूते हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग सलूणी की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देख सकें।एसडीएम ने यह भी कहा कि सलूणी की वादियां किसी भी मायने में कश्मीर से कम नहीं हैं, और सही दिशा में प्रयास किए जाएं तो यह क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।