Shimla, 29 June
हिमाचल प्रदेश में समय से पहले पहुंचे मानसून ने तबाही मचाई है। राज्य के कई जिलों में तेज बारिश और बादल फटने की घटनाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अब तक मानसून से जुड़े हादसों में 17 लोगों की मौत हो चुकी है और ₹300 करोड़ से अधिक की संपत्ति का नुकसान दर्ज किया गया है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि सबसे अधिक नुकसान कुल्लू और कांगड़ा जिलों में हुआ है, जहां बादल फटने की वजह से कई सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं। उन्होंने कहा कि “अब तक राज्य में भारी बारिश से 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है, जबकि कई सड़क दुर्घटनाओं और आपदाओं में 17 लोगों की जान चली गई है।”
सड़कों और सेवाओं पर गहरा असर
वर्तमान में प्रदेश में 37 सड़कें अवरुद्ध हैं और 47 विद्युत ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए हैं। कई क्षेत्रों में पेयजल परियोजनाएं भी ठप पड़ी हैं, जिससे लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने 28 जून से 1 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऊना, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, मंडी, शिमला, चंबा और कुल्लू जैसे जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में यात्रा से बचने और आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क बनाए रखने की अपील की है।