लखनऊ | समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे ‘डबल इंजन’ वाले नेता सिर्फ ईंधन (संपत्ति, धन और सत्ता) के जुगाड़ में लगे हैं, जबकि आम व्यापारी वर्ग टैक्स के बोझ और सरकारी डर के साए में जी रहा है।
“डबल इंजन” नहीं, “ईंधन की तलाश में हर इंजन”
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “भाजपा की डबल इंजन सरकार सिर्फ कहने भर की है। हकीकत यह है कि सरकार का हर इंजन अब ईंधन जुटाने में व्यस्त है।” उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में व्यापारियों को निशाना बनाकर आर्थिक-सामाजिक आपातकाल जैसा माहौल बना दिया गया है।
व्यापारियों पर टैक्स का शिकंजा
सपा अध्यक्ष ने जीएसटी और टैक्स प्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने टैक्स सरलीकरण के नाम पर व्यापारियों को उलझा दिया है। “इनकी टैक्स व्यवस्था डर पैदा करने वाली है। जीएसटी के पुराने और मनगढ़ंत नोटिस उन व्यापारियों को दिए जा रहे हैं, जो सपा की विचारधारा के करीब हैं,” उन्होंने कहा।
‘वसूली तंत्र’ का आरोप
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि नोटिसों के बहाने जबरन वसूली की जा रही है। “सरकार की नीतियों से छोटे व्यापार संकट में हैं, और मुनाफाखोरों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। भाजपा के कुछ करीबी कारोबारी पूरे व्यापारी वर्ग की छवि को खराब कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
निवेश से पहले ‘एडवांस कमीशन’ की मांग
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब निवेश करने वाले से भी पहले ही कमीशन मांगा जा रहा है। “महंगाई बढ़ाने के पीछे चंदा नीति और नजराना संस्कृति जिम्मेदार है,” उन्होंने कहा।
माफिया सूची पर भी साधा निशाना
अखिलेश ने सवाल किया कि सरकार ने अब तक “शीर्ष माफियाओं” की सूची क्यों नहीं जारी की। “अगर राज्य स्तर पर सूची जारी करना संभव नहीं है तो कम से कम जिलावार माफिया सूची तो सार्वजनिक की जाए,” उन्होंने चुनौती दी।
2027 को लेकर जताई उम्मीद
अखिलेश यादव ने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार बनेगी और व्यापारी वर्ग को सम्मान, सुरक्षा और व्यापार के अनुकूल माहौल मिलेगा।