Summer express/यमुनानगर ,परवेज खान -:यमुनानगर में इंसाफ की मांग को लेकर एक परिवार घायल युवक को खाट पर डालकर लघु सचिवालय पहुंच गया। परिवार ने छछरौली थाना पुलिस पर आरोप लगाया कि जानलेवा हमले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय मामले को कमजोर किया जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों से मिलीभगत कर कार्रवाई को प्रभावित किया है। मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई गई।
जानकारी के अनुसार 25 अप्रैल को मानकपुर गांव के बस अड्डे पर महबूब नाम के युवक पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया। पीड़ित का कहना है कि वह बस अड्डे पर खड़ा था तभी करीब आधा दर्जन युवक वहां पहुंचे। कुछ युवकों ने अपने चेहरे ढके हुए थे। आरोप है कि सभी ने मिलकर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से उस पर ताबड़तोड़ हमला किया। हमले में महबूब गंभीर रूप से घायल हो गया।घायल युवक को पहले यमुनानगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। लंबे इलाज के बाद भी उसकी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। परिजनों के अनुसार महबूब की दोनों टांगों में कई रॉड डाली गई हैं और वह अभी चलने-फिरने की हालत में नहीं है।महबूब ने बताया कि इलाज के लिए परिवार को भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उसने कहा कि बेटी की शादी के लिए रखे गए जेवर तक बेचने पड़े ताकि इलाज जारी रखा जा सके। इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई नहीं होने से परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है।पीड़ित परिवार ने छछरौली थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने मामले में ढिलाई बरती है। परिवार का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराएं लगाने की बजाय मामले को हल्का करने की कोशिश की गई। इसी नाराजगी के चलते परिवार घायल युवक को खाट पर लेकर सीधे लघु सचिवालय पहुंचा ताकि प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर खींचा जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा प्रदर्शन और रोड जाम करने को मजबूर होंगे।