Summer express/शिमला, संजू -:हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रहे ईंधन के दामों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। नेगी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात और युद्ध का हवाला देकर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है, जबकि वैश्विक परिस्थितियां लंबे समय से बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि भारत रूस समेत कई देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है, इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत नहीं मिल रही। उनके अनुसार आम उपभोक्ताओं को राहत देने की बजाय लगातार टैक्स और सेस बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे महंगाई पर भी असर पड़ रहा है।जगत सिंह नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार सस्ते दामों पर कच्चा तेल खरीदकर उसे रिफाइन करने के बाद अन्य देशों को निर्यात कर रही है, लेकिन देश के नागरिकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने दावा किया कि नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों को अपेक्षाकृत कम कीमतों पर तेल उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि भारतीय जनता महंगे ईंधन का बोझ उठा रही है।
नेगी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ता है। ऐसे में आम आदमी की जेब पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से जनता को राहत देने के लिए टैक्स में कटौती करने की मांग की।नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों को लेकर भाजपा द्वारा किए जा रहे दावों पर भी जगत सिंह नेगी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों की असली तस्वीर परिषदों और पंचायतों के गठन के बाद ही सामने आएगी।
नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता चुनाव नतीजों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों का चयन होना बाकी है, जिसके बाद ही स्पष्ट होगा कि किस दल का कितना प्रभाव है।उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है, वहीं कुछ जगह भाजपा समर्थित प्रत्याशी सफल हुए हैं और कई सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे हैं। ऐसे में अंतिम राजनीतिक स्थिति गठन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।राजस्व मंत्री ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के बयानों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नेता अक्सर बढ़े-चढ़े दावे करते हैं, जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग होती है।