Summer express, मोगा | पंजाब के मोगा जिले में स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से देर रात बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। गांव जनेर स्थित पुनर्वास केंद्र से करीब 28 से 30 मरीज स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी करने के बाद मुख्य गेट का ताला तोड़कर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस तुरंत जांच में जुट गई।
जानकारी के अनुसार, थाना कोटईसे खां के अंतर्गत आने वाले इस सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई जब कुछ मरीजों की सेंटर स्टाफ के साथ किसी बात को लेकर बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मरीजों ने स्टाफ कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि गुस्साए मरीजों ने सुरक्षा कर्मियों को पीछे धकेलते हुए मुख्य गेट का ताला तोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। उस समय केंद्र में कुल 95 मरीज भर्ती थे, जिनमें से करीब 30 युवक भागने में सफल रहे, जबकि बाकी मरीज केंद्र में ही मौजूद हैं।
घटना की पूरी वारदात केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। सूचना मिलते ही कोटईसे खां थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस फरार मरीजों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और उनके संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा गार्ड्स के मुताबिक, कुछ मरीजों ने उनके साथ हाथापाई भी की। हालांकि मौके पर ही कुछ युवकों को पकड़ लिया गया, लेकिन करीब 30 लोग अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फरार युवक किस दिशा में गए। वहीं सेंटर कर्मचारियों के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।