Summer express, मुंबई। बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर इलाके में पश्चिम रेलवे द्वारा चलाए जा रहे बड़े अतिक्रमण हटाओ अभियान का करीब 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। रेलवे की इस कार्रवाई के दौरान इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस और डिमोलिशन टीम पर पथराव कर दिया। इस हिंसा में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
150 लोगों की भीड़ ने बुलडोजर कार्रवाई रोकने के लिए पुलिसकर्मियों और रेलवे की टीम पर पत्थर व सीमेंट ब्लॉक फेंके। हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज कर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी। मामले में अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बांद्रा कोर्ट में सुनवाई के दौरान पब्लिक प्रॉसीक्यूटर ने इस घटना को सामान्य विरोध नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश करार दिया। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों पर गंभीर धाराएं लगाई हैं, जिनमें हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा 109 भी शामिल है। साथ ही आरोपियों से कस्टोडियल पूछताछ की मांग की गई है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान के तहत बांद्रा स्टेशन के पूर्वी हिस्से में बनी करीब 500 अवैध संरचनाओं को हटाया जा रहा है। अब तक लगभग 5,000 वर्ग मीटर जमीन रेलवे ने अपने कब्जे में ले ली है। रेलवे का कहना है कि यह जमीन 5वीं और 6वीं रेल लाइन के विस्तार और बांद्रा टर्मिनस के विकास परियोजना के लिए आवश्यक है।
इस बीच कोर्ट में मामले को लेकर नया विवाद भी सामने आया। प्रतिवादियों के वकील ने आरोप लगाया कि एक स्थानीय मस्जिद को बिना उचित दस्तावेजी प्रक्रिया के तोड़ दिया गया, जबकि बॉम्बे हाईकोर्ट के मूल आदेश में धार्मिक स्थलों का कोई उल्लेख नहीं था। वहीं, प्रभावित परिवारों ने ईद से ठीक पहले की गई इस कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर की है।
पश्चिम रेलवे का कहना है कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है और पात्र परिवारों को पहले ही पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। रेलवे की यह कार्रवाई 23 मई तक जारी रहने की संभावना है।