Summer express, सुन्दर कुंडू, पलवल। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने सोमवार को बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि तथा बेरोजगारी के विरोध में जिला सचिवालय पलवल पर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम ज्ञापन जिला उपायुक्त के माध्यम से सौंपा और केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रदर्शन के दौरान आदित्य देवीलाल ने कहा कि देश और प्रदेश में महंगाई लगातार आम लोगों की कमर तोड़ रही है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं, रसोई गैस महंगी हो रही है और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार के मोर्चे पर भी विफल साबित हुई है, जिसके कारण युवा वर्ग भविष्य को लेकर चिंतित है।
विधायक ने कहा कि आज का नौजवान भाजपा सरकार के शासन में अपने भविष्य को सुरक्षित नहीं मान रहा। उन्होंने दावा किया कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की कमी और बढ़ती बेरोजगारी ने युवाओं में असंतोष पैदा किया है। इसी असंतोष के चलते युवाओं के बीच नए वैकल्पिक विचार सामने आ रहे हैं।
आदित्य देवीलाल ने हाल ही में चर्चा में आई “कॉकरोच जनता पार्टी” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे केवल मजाक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार यह उन युवाओं की सोच का प्रतीक है जो देश की मौजूदा व्यवस्था और रोजगार के अवसरों को लेकर निराश हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं ने इस विचार का समर्थन किया है और इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने भी इसका समर्थन जताया है।
एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा लंबे समय से सत्ता में है, फिर भी घुसपैठ जैसे मुद्दों का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जाता है।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा। आदित्य देवीलाल ने कहा कि यदि आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं तो भाजपा की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। उन्होंने दावा किया कि हाल के कुछ चुनावों के परिणामों ने यह संकेत दिया है कि जनता बदलाव चाहती है।
इनेलो नेता ने कहा कि पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी और महंगाई, बेरोजगारी तथा जनहित से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाबदेह बनाने का काम करेगी।