Summer express/हमीरपुर, अरविंद-: प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत डिपुओं तक पहुंचाए जा रहे राशन के वजन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश डिपो संचालक समिति ने खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि गोदामों से भेजे जा रहे राशन में निर्धारित मात्रा से कमी पाई जा रही है। समिति का कहना है कि इस कारण डिपो संचालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है और राशन कार्ड धारकों को भी पूरी मात्रा में राशन उपलब्ध करवाना चुनौती बनता जा रहा है।
प्रदेश डिपो संचालक समिति के अध्यक्ष अशोक कवि ने बताया कि डिपो संचालक विभाग की मांग के अनुसार राशन का परमिट प्राप्त करते हैं और उसकी पूरी राशि अग्रिम रूप से जमा करवाते हैं। इसके बावजूद जब राशन की खेप गोदामों से डिपुओं तक पहुंचती है तो कई बोरियों में निर्धारित वजन से 6 से 8 किलोग्राम तक कम राशन निकल रहा है। उनके अनुसार यह समस्या चावल, चीनी और आटे जैसी आवश्यक वस्तुओं में देखने को मिल रही है।अशोक कवि ने कहा कि सरकार की ओर से राशन को तौलकर भेजने और प्रत्येक खेप के साथ वेट चेक मेमो जारी करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में इनका पालन नहीं किया जा रहा। उन्होंने बताया कि विभाग ने डिपो धारकों को इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीनें उपलब्ध करवाई हैं, जबकि कई गोदामों में आज भी पुरानी मशीनों के माध्यम से वजन किया जा रहा है, जिससे वजन में गड़बड़ी की आशंका बढ़ जाती है।उन्होंने यह भी दावा किया कि खाद्य तेल की 12 लीटर क्षमता वाली पेटियों में भी कई बार एक लीटर तक कम तेल निकलता है। समिति का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें दर्ज करवाई गईं, लेकिन न तो खाद्य आपूर्ति विभाग और न ही माप-तौल विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई की है।
कवि ने आरोप लगाया कि निरीक्षण के दौरान डिपो संचालकों से एक-एक ग्राम राशन का हिसाब मांगा जाता है, जबकि निगम के गोदामों में वजन और भंडारण व्यवस्था की नियमित जांच नहीं की जाती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो प्रदेश के कई डिपो संचालक काम छोड़ने के लिए मजबूर हो सकते हैं, जिसका सीधा असर राशन वितरण व्यवस्था पर पड़ेगा।वहीं, इस मामले में हिमाचल प्रदेश सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन की क्षेत्रीय प्रबंधक रीता कुमारी ने कहा कि जिला हमीरपुर से अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि यह मामला मीडिया के माध्यम से उनके संज्ञान में आया है। विभाग अब गोदामों और आटा मिलों में राशन के वजन की जांच करवाएगा और यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।