Summer express/मंडी,धर्मवीर-: आधुनिक तकनीक के दौर में डाक विभाग ने संचार व्यवस्था को और अधिक तेज एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।छोटी काशी मंडी में डाक विभाग ने ड्रोन आधारित डाक सेवा का शुभारंभ किया है।पायलट प्रोजेक्ट के तहत मंडी प्रधान डाकघर से द्रंग विधानसभा क्षेत्र के रेहड़धार शाखा डाकघर तक पहली बार ड्रोन के माध्यम से सफलतापूर्वक डाक पहुंचाई गई।
पुराने समय में संदेशों और चिट्ठियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए कबूतरों का सहारा लिया जाता था, लेकिन अब उसी कार्य को अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक के माध्यम से मिनटों में पूरा किया जा रहा है। स्काई एयर कंपनी के सहयोग से शुरू की गई इस सेवा के तहत मंडी प्रधान कार्यालय से रेहड़धार शाखा तक डाक भेजी गई और वहां से दिनभर की डाक वापस मंडी लाई गई।
डाक विभाग प्रधान कार्यालय मंडी के डिप्टी सुपरिटेंडेंट संजय कुमार ने बताया कि ड्रोन ने मात्र 6 मिनट में लगभग 12 किलोमीटर की दूरी तय कर डाक को गंतव्य तक पहुंचाया। एरियल रूट के हिसाब से यह दूरी करीब 5 से 6 किलोमीटर बनती है। उन्होंने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में इस क्षेत्र तक डाक पहुंचाने में लगभग एक दिन का समय लग जाता था, लेकिन अब यही कार्य कुछ ही मिनटों में संभव हो गया है। इससे दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में डाक सेवाओं को नई गति मिलेगी।
मंडी की डाकपाल नेहा संख्यान ने बताया कि स्काई एयर कंपनी देशभर के लगभग 150 स्थानों पर ड्रोन आधारित डाक सेवाएं संचालित कर रही है। मंडी जिले में फिलहाल 10 स्थानों पर इस सुविधा को शुरू किया गया है, जिससे ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में डाक वितरण की प्रक्रिया अधिक सुगम और तेज हो सकेगी।इस अवसर पर स्काई एयर कंपनी के कर्मचारी सुभाष दुबे ने बताया कि डाक परिवहन के लिए उपयोग किए जा रहे ड्रोन की भार वहन क्षमता 10 किलोग्राम तक है। यह ड्रोन एरियल रूट के माध्यम से 30 से 50 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में सक्षम है। वर्तमान में मंडी जिले में 8 ड्रोन की सहायता से 10 विभिन्न स्थानों पर डाक सेवाएं संचालित की जा रही हैं।ड्रोन डाक सेवा के शुभारंभ को डाक विभाग के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे भविष्य में दुर्गम क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच और अधिक सशक्त होगी।